Ganesh Ji Ki Aarti in Hindi Lyrics: गणपति जी की आरती 'जय गणेश जय गणेश' ल‍िर‍िक्‍स ह‍िंदी में

गणपति जी की यह आरती हिंदू धर्म में बहुत ही लोकप्रिय है। इसे सभी शुभ अवसरों पर गाया जाता है। इस आरती में भगवान गणेश की स्तुति की गई है। आरती की शुरुआत में भगवान गणेश को जयकारे लगाकर उनका आह्वान किया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश के रूप और गुणों का वर्णन किया जाता है। आरती के अंत में भगवान गणेश से अपने सभी कष्टों और बाधाओं को दूर करने और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने की प्रार्थना की जाती है।

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11/10/20231 मिनट पढ़ें

गणपति जी की आरती

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे
मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे
संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत
निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो
जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥