तुलसी विवाह 2023 : Tulsi vivah 2023

तुलसी विवाह के महत्त्व और महानता को समझाने वाला एक अनुवादित ब्लॉग विवरण है। यह पारंपरिक पर्व हिंदू समाज में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है, जहां माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम के साथ किया जाता है। इस पर्व में तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसे हिंदू संस्कृति में बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इसे विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इसे बड़े ही ध्यान से मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू समाज में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। इस ब्लॉग में तुलसी विवाह के पीछे की कथा, उसका महत्त्व, और 2023 में इसे मनाने का शुभ मुहूर्त विस्तार से बताया गया है।

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11/19/20231 मिनट पढ़ें

तुलसी विवाह

तुलसी विवाह एक प्रमुख हिन्दू धर्मिक पर्व है जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व में माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम के साथ किया जाता है। तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसे हिंदू संस्कृति में बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व हिंदू समाज में विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इसे बड़े ही ध्यान से मनाया जाता है।

तुलसी विवाह के दिन माता तुलसी का विवाह भगवान शालिग्राम के साथ होता है, जो कि भगवान विष्णु के एक रूप के रूप माना जाता है। इस पर्व के पीछे एक गाथा है जो माता तुलसी और भगवान विष्णु के बीच हुई विवाह की है। यह गाथा कहती है कि तुलसी पूर्व जन्म में एक लड़की थी, जिसका नाम वृंदा था। उनका विवाह दानव राज जलंधर से हुआ था, लेकिन उसकी पत्नी शक्ति के रूप में अनन्य भक्ति और पतिव्रता के कारण भगवान विष्णु ने उनकी इस प्रेम और त्याग को सराहा और उन्हें शालिग्राम के साथ विवाह किया।

तुलसी विवाह एक उत्तम मुहूर्त के साथ मनाया जाता है, जिसमें तुलसी पौधे को शालिग्राम के साथ विवाह किया जाता है। इस पर्व में तुलसी के पौधे को सुहागिन की तरह सजाया जाता है और उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व हिंदू समाज में धार्मिक महत्त्व के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।



तुलसी विवाह क्यों मनाया जाता ?

तुलसी विवाह हिन्दू धर्म में एक प्रमुख पर्व है जिसे भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप और माता तुलसी के पौधे के विवाह के रूप में मनाया जाता है।

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तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त 2023 | तुलसी विवाह कब है 2023 ?

2023 का तुलसी विवाह विशेष महत्त्व और आनंद के साथ नवंबर महीने में होने वाला है। इस वर्ष, तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार तय किया गया है। यहां दिए गए मुहूर्त के अनुसार, तुलसी विवाह के दिन शुभ समय के आसपास होगा:

  • तुलसी विवाह का आरंभ 23 नवंबर को रात्रि 9 बजकर 2 मिनट से होगा।

  • इस विवाह का समापन 24 नवंबर को शाम 7 बजकर 5 मिनट पर होगा।

उदया तिथि के अनुसार, 24 नवंबर को तुलसी विवाह का आयोजन किया जाएगा। शुभ समय के अलावा, इस खास दिन कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिनमें शामिल हैं अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और सिद्धि योग।

  • प्रदोष काल: तुलसी विवाह का आयोजन प्रदोष काल में होता है, जिसकी शुरुआत शाम को 5 बजकर 25 मिनट से होगी।

  • अमृत सिद्धि योग: तुलसी विवाह के दिन सुबह 6 बजकर 51 मिनट से अमृत सिद्धि योग शुरू होगा, जो शाम 4 बजकर तक चलेगा।

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: इस साल तुलसी विवाह के मौके पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जिसमें किए गए धर्म कर्म के कार्य बेहद शुभ माने जाते हैं।

  • सिद्धि योग: साल 2023 में कार्तिक माह की द्वादशी तिथि को सिद्धि योग भी बन रहा है, जो 24 नवंबर को सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगा।

ये शुभ समय तुलसी विवाह को आपके जीवन में आने वाले सुख और समृद्धि के लिए एक शुभ संकेत के रूप में माना जा सकता है।